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Sunday, 19 April 2009

कुछ डिफरेंट हो जाएं...


सेक्स यह एक शब्द आपमें एक नई ऐनर्जी पैदा कर देता है और साथ ही क्या आप जानते है सेक्स हमारे जीवन को मानसिक व शारीरिक तौर पर स्वस्थ रखने में भी सहायक है। जिससे थकान, तनाव, अकेलापन आसानी से दूर किया जा सकता है। लेकिन इसके लिये जरूरी है कि आप दोनों को सेक्स के प्रति एक्साइटमेंट व एक्सपेरिमेंटल होना। कुछ खास नहीं लेकिन इस क्रिया में अपने आपको जागरूक रखना भी बेहद जरूरी है इसीलिये अपनी फंटासी को या नये-नये उपयोगों को करने से पहले अपने पार्टनर के साथ खुलकर डिसकस करें कि आप ऐसा क्यों करना चाहते है। कुछ डिफरेंटसोचें: अंग्रेजी में जिसे आउट ऑफ द बॉक्स कहते हैं, वैसा सोचें, यानी कि कुछ ऐसा जो आपने पहले सोचा भी ना हो तथा टिपिकल ना हो। तो हमेशा बेडरूम ही क्यों? उन पलों को आप कहीं भी महसूस कर सकते हैं, फर्श पर, सोफे पर, लीविंग रूम में अथवा रसोई में, बाथटब में, गार्डन में। अपनी क्रिऐटिविटी को लगाम मत लगाइए और देखिए इससे कितना बड़ा फर्क आता है। छोटी छोटी चीजें: कुछ ऐसी चीजें भी है जो रोचकता को और भी बढ़ा सकती है। एक रेशमी कपड़ा लीजिए और अपने साथी की आंखों पर पट्टी बाँध दीजिए। या फिर जब आप दोनों उन पलों का आनंद लेने के लिए तैयार हों जाएँ तो पहले एक साथ आइसक्रीम का मजा उठाएँ। या फिर किसी सॉफ्ट टॉय, प्लियो के साथ, वेस्ट रिंग के साथ छोटी-छोटी गेम में एक-दूसरे को हराना, यकीन मानिए आपको कई नए अनुभव होंगे। तकरार के बाद प्यार : पति पत्नी हैं तो लड़ाई तो होगी ही। वैसे ऐसा माना जाता है कि जिन युगलों के बीच लड़ाई नहीं होती उनके बीच सामंजस्य की भी कमी होती है। यहां लड़ाई से हमारा आशय मीठी तकरार से है, जो पति और पत्नी के बीच होना स्वाभाविक है। लेकिन उस तकरार का भी आप फायदा उठा सकते हैं। हल्की फुल्की लड़ाई के बाद अपने साथी को मनाने का सबसे आसान रास्ता होता है सेक्स। अविश्वसनीय? बिल्कुल नहीं। यदि आप दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते हैं तो यकीन मानिए तकरार के बाद का प्यार सबसे आनंददायी होता है। सेक्स होलीडे: सेक्स होलीडे यानी कि सेक्स के लिए छुट्टियाँ। जब आप रोजमर्रा के कामकाज से बोर होने लग जाएं तो सप्ताहांत की छुट्टियों का भरपूर आनंद उठाएं और कही आस-पास घूमने के लिये निकल जाये लेकिन इस बार आप घूमने नहीं सेक्सी छुटियों को एंज्वांय करने जा रहे है। क्या ऐसा भी सोचा है? हमेशा सेक्स के बारे में सोचना भी गलत है लेकिन यदि उसके साथ कुछ कल्पना या क्रिऐटिविटी हो तो उसे करने का मजा ही कुछ और होगा। रात के समय आप अंधेरे में कार से घूमने निकलें तो, यही काम आप छत की तरफ जाने वाले सीढिय़ों पर भी कर सकते हैं बशर्ते वहाँ अंधेरा हो। पार्टनर पर किसी प्रकार का दबाव ना डालें यदि वो इस तरह करने के लिये अपने आपको सहज नहीं मानती तो छोड़ दें फिर कुछ अनुभवों का प्रयोग कर सकते है।

1 comment:

  1. आपका ये लेख पड़ा ! शीर्षक बहुत अच्छा था ! किन्तु , आप के इस लेख पर मुझे अनुभव की कमी नजर आ रही है ! रजनीश ओशो ने भी sex को जीवन का महत्व पूर्ण अंग माना है ! परन्तु आप के विचार और उन के विचारों में बहुत अंतर नजर आ रहा है !" व्यक्ति का अनुभव ही उसका सबसे बड़ा अध्यापक होता है " ! लेकिन तुम में अनुभव की साफ कमी नजर आ रही है !

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